सदर बाजार निवासी अनूप मिश्रा के पुश्तैनी जमीन मामले को लेकर एक अधिवक्ता के रूप में

एसडीएम के व्यवहार पर भड़के वकील,
सॉरी बोल कर मामला हुआ शांत।

होशंगाबाद- सदर बाजार निवासी अनूप मिश्रा के पुश्तैनी जमीन मामले को लेकर एक अधिवक्ता के रूप में अपने पक्षकार को न्याय दिलाने के लिए रोहित पालीवाल और अनुपम दुबे एसडीएम कार्यालय पहुंचे तो इसी दौरान एसडीएम और अधिवक्ताओं के बीच हुई बात से एसडीएम भड़क गए और उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि ऑफिस से बाहर चले जाओ। अधिकारी के इस रवैया को देखकर अधिवक्ता दंग रह गए और उन्होंने एसडीएम के व्यवहार का विरोध प्रकट करते हुए तत्काल कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर एसडीएम के व्यवहार की शिकायत की। इस दौरान अधिवक्ता अनुपम दुबे, रोहित पालीवाल, राजेश अग्रवाल, जीवन रघुवंशी, मुकेश, दिलीप तिवारी, हनुमान उपाध्याय के के पाराशर बल्लू ठाकुर, चैन सिंह मीणा, सुधीर परदेसी सहित अन्य अधिवक्ता गण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने इस मामले को एडीएम जीपी माली के पास पहुंचा दिया जहां एडीएम द्वारा एसडीएम आदित्य रिछारिया और अधिवक्ता रोहित पालीवाल तथा अनुपम दुबे के पक्ष को सुना गया। क्षेत्रीय विधायक के भतीजे अधिवक्ता रोहित पालीवाल ने बताया एडीएम साहब के समक्ष एसडीएम ने सॉरी बोल कर दोबारा इस तरह के व्यवहार की पुनरावृत्ति ना किए जाने की बात कही।मामले को लेकर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रदीप चौबे का कहना है कि एसडीएम आदित्य रिछारिया द्वारा अधिवक्ताओं के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था। प्रशासनिक अधिकारियों को सामंजस्य बना कर काम करना चाहिए। श्री चौबे का कहना है कि एसडीएम रिछारिया का यहां से तत्काल तबादला किए जाने चाहिए।
नर्मदा नगरी में शांत एवं मिलनसार अधिकारी को नियुक्त किया जाना चाहिए। प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट

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