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स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैश्विक आयोडीन अल्पता विकास नियंत्रण दिवस के अवसर पर

होशंगाबाद – 22,अक्‍टूबर,2020 को स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैश्विक आयोडीन अल्पता विकास नियंत्रण दिवस के अवसर पर  जिला प्रशिक्षण केंद्र  के सभाकक्ष, एवं जिले  के अंतर्गत विकासखंड, ग्राम के अंतर्गत आरोग्य केंद्रों,उप स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य संस्थाओं में शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया तथा विकास खंडों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस अवसर पर आयोडीन संबंधी जानकारी प्रदाय की गई। जिसमें बताया गया कि आयोडीन एक सूक्ष्म पोषक तत्व है। थायरॉक्सिन हार्मोन का एक आवश्यक घटक है जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिये मस्तिष्क के कार्य, वृद्धि व प्रजनन हेतु आवश्यक है। मिट्टी में आयोडीन की कमी, स्थानीय उगाये जाने वाले भोज्य पदार्थो में आयोडीन की कमी एवं पानी के स्त्रोतों में आयोडीन की कमी इसके कारण हैं। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, प्रजनन उम्र की महिलाओं, बढ़ते भ्रूण एवं उन स्थानों में रहने वाली जनसंख्या को है, जहां मिट्टी में आयोडीन की कमी है। आयोडीन की कमी के लक्षणों में घेंघा रोग, मानसिक विकास में कमी, निगलने या सांस  लेने में कठिनाई, जल्दी थकान होना, ठंड अधिक लगना, बच्चे में सुनने और बोलने की शक्ति में कमी एवं पढाई में पिछडापन है। आयोडीन की कमी का एक ही विकल्प है, आयोडीन युक्त नमक का सेवन। आयोडीन की कमी में उपचार से बचाव ही बेहतर विकल्प है। अपर्याप्त आयोडीन प्राप्त बच्चों की बुद्धि लब्धि (आई.क्यू.) 13 अंक कम होती है, शैक्षणिक प्रदर्शन कमजोर होता है, समान कक्षा दोहराना या बार बार अनुत्तीर्ण होने की समस्या, कक्षा में अनुपस्थिति या स्कूल छोडना आदि लक्षण परिलक्षित होते हैं। आयोडीन की कमी के प्रभाव के रूप में सामाजिक व आर्थिक विकास में पिछडापन दृष्टव्य होता है। आयोडीन की दैनिक आवश्यकता माईक्रोग्राम में 0 से 11 माह 50 माइक्रोग्राम, 12 से 59 माह 90 माइक्रोग्राम, 6 से 12 वर्ष 120 माइक्रोग्राम, 12 वर्ष से अधिक 150 माइक्रोग्राम एवं गर्भवती व धात्री महिलाओं में  200 माइक्रोग्राम होती है। मध्यान्ह भोजन , आंगनवाडी एवं छात्रावासों में प्रदाय भोजन एवं घरों में भोजन बनाते समय नमक के उचित प्रकार के संधारण संबंधी जानकारी प्रदाय की गई।  आशा कार्यकर्ताओं को नमक में आयोडीन की जांच हेतु किट प्रदान की गई है इस के द्वारा आशा नमक में आयोडीन की मात्रा ज्ञात करती हैं एवं यदि 15 पीपीएम से कम वाला कोई नमक इस्तेमाल करें तो उस को अच्छी क्वालिटी के आयोडीन युक्त नमक के इस्तेमाल करने हेतु जागरूक किया जाता है,
इस दौरान उपस्थित समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा आयोडीन युक्त नमक का ही सेवन किये जाने संबंधी शपथ ग्रहण की गई। जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश कौशल,डी.एच.ओ. डॉ. नलिनी गौड़ सहित अन्य अधिकारीगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट

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