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परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए जनता में जागरूकता लाएं ग्राम पंचायतें : सोफिया दहिया

परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए जनता में जागरूकता लाएं ग्राम पंचायतें : सोफिया दहिया
ओपरेपरों व प्रशासन के कार्यों को सराहा
बराड़ा, 7 नवम्बर, (जयबीर राणा थंबड़)। जिला अम्बाला में परिवार पहचान पत्र के तहत पंजीकरण करवाने में बेहतर स्थान हासिल करने वाले तीन गांवों में फाईनेंस सैकेटरी एवं सिटीजन रिसोर्स इन्फोरमेशन विभाग के सचिव (आईसीएएस) सोफिया दहिया ने यहां का दौरा करते हुए सीएचसी में कार्यरत आपरेटर की सराहना की और इस कार्य को और बेहतर तरीके से करने के लिए कहा। इस मौके पर उनके साथ एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार, बीडीपीओ बराड़ा, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी उत्सव शाह व अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी उत्सव शाह ने बताया कि जिला अम्बाला में परिवार पहचान पत्र बनाने का कार्य बेहतर तरीके से किया जा रहा है। लोगों को इस बारे जागरूक करने का काम किया गया है तथा लोग इस कार्य में प्रशासन का सहयोग करते हुए इस कार्य को कामन सर्विस सैंटर के माध्यम से इसे करवा भी रहे हैं। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, आई.ए.एस के नेतृत्व में सिटीजन रिसोर्स इन्फोरमेशन विभाग की सचिव (आईसीएएस) सोफिया दहिया प्रदेश में इस प्रोजैक्ट को देख रही हैं। इसी कड़ी में उन्होंने आज अम्बाला जिला के तहत तहसील बराड़ा के कसेरला कलां, अबदुलगढ़ व मनका में सैंटरों मे जाकर परिवार पहचान पत्र के कार्य की वास्तविकता जानी। उन्होंने मौके पर उपस्थित लोगों से भी बातचीत करते हुए इस कार्य के बारे में जानकारी लेते हुए दूसरे लोगों को भी परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस अवसर पर सरपंचों को भी कहा कि वे इस कार्य के लिए लोगों को जागरूक करें, जिन लोगों के परिवार पहचान पत्र नहीं बने हैं उन्हें परिवार पहचान पत्र की विशेषता बताते हुए इसे बनवाने के लिए प्रेरित करने का काम करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार से बराड़ा के तीन गांवों ने आगे आकर परिवार पहचान पत्र रजिस्ट्रेशन करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, वैसे ही अन्य गांवों को भी आगे आकर इस कार्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र के तहत जिला प्रशासन के अधिकारियों को लक्ष्य भी दिया गया है ताकि वह भी इस कार्य में आगे आते हुए इस कार्य को तेजी से करवाने का काम करें। इन्होनें यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार पहचान पत्र की रजिटेंशन एवं अपटेंशन प्राथमिकता से करनी है।
उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र का प्राथमिक उद्देश्य हरियाणा में सभी परिवारों का प्रमाणित, सत्यापित और विश्वसनीय डाटा तैयार करना है। पीपीपी हरियाणा में प्रत्येक परिवार की पहचान करता है और परिवार के बुनियादी डाटा को डिजीटल प्रारूप में परिवार की सहमति से प्रदान करता है। प्रत्येक परिवार को 8 अंको का परिवार आईडी प्रदान किया जा रहा है। फैमिली डाटा के आटोमैटिक अपडेशन को सुनिश्चित करने के लिए फैमिली आईडी को बर्थ और डैथ व मैरिज रिकार्ड से जोड़ा जायेगा। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पैंशन के लिए अब परिवार पहचान पत्र का होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा फैमिली आईडी छात्रवृति, सबसीडी और अन्य पैंशन जैसी सभी योजनाओं को जोड़ेगी ताकि स्थिरता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके तथा साथ ही विभिन्न योजनाओं, सबसीडी और पैंशन के लाभार्थियों के स्वत: चयन को सक्षम किया जा सके।
इससे पूर्व फाईनेंस सैक्रेटरी एवं सिटीजन रिसोर्स इन्फोरमेशन विभाग के सचिव (आईसीएएस) सोफिया दहिया ने अतिरिक्त उपायुक्त प्रीति से उनके कार्यालय में बैठक करते हुए जिले में परिवार पहचान पत्र के तहत किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी हासिल की और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। अतिरिक्त उपायुक्त ने फाईनेंस सैके्रटरी को आश्वस्त किया कि जिला अम्बाला में परिवार पहचान पत्र का कार्य शत प्रतिशत करने का काम किया जायेगा। जो आवश्यक दिशा-निर्देश है उनकी अनुपालना के तहत इस कार्य को करने का काम किया जायेगा।

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