गर्मी का सत्तू ठंड के मौसम में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों एवं महिलाओं के जीवन के साथ खिलवाड़,

गर्मी का सत्तू ठंड के मौसम में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों एवं महिलाओं के जीवन के साथ खिलवाड़, होशंगाबाद- महिला एवं बाल विकास विभाग शहरी परियोजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र के वार्डों में आंगनवाड़ी केंद्रों पर 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के हितग्राही बच्चे महिलाओं को विश्व की माहवारी कोविड-19 के तहत गर्मी के दिनों से सत्तू दिया जा रहा है क्योंकि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से ठंडी शुरू हो चुकी है स्व सहायता समूहों के द्वारा आधा सिका हुआ कम शक्कर की मात्रा डालकर सर्दी के दिनों में भेजा जा रहा है इस सत्तू की जांच परीक्षा किसी विभागीय अधिकारी तथा खाद्य औषधि विभाग के आला अधिकारियों ने आज तक नहीं की और ना ही सत्तू को चखा, गर्मी के दिनों में खाने वाला सत्तू ठंडी के दिनों में देकर ठंडी तासीर से कोरोना को बढ़ाने का श्रेय विभाग ले रहा है स्व सहायता समूह परियोजना अधिकारी की मिलीभगत से सत्तू पोषण आहार बंट रहा है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजरों की मिलीभगत से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा नौकरी की समाप्त करने की धमकी देकर पूरे माह के पोषणहार पत्रक पर हस्ताक्षर करा लिए जाते हैं, महिलाएं बच्चे हितग्राही सत्तू खा कर ऊब गए हैं यह चर्चा का विषय बना हुआ है एवं इस सत्तू के पैकेट पर निर्माण एवं एक्सपायरी दिनांक भी नहीं लिखी है, और ना ही किसी कंपनी की लेबिल है जिससे स्पष्ट हो कि कहां का बना है। प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट

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