शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय

होशंगाबाद- शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में आज दिनॉक 28.11.2020 को आपदा प्रबंधन समिति द्वारा भूकंप प्रबंधन पर गूगलमीट पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने कहा कि भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है जिसके आने पर अपार जन धन की हानि होती है यह बिना किसी चेतावनी के काफी बड़े भौगोलिक क्षेत्र को प्रभावित कर सकते है। क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को इसके प्रभाव से पूर्णतः उभरने में हमारी उम्मीद से कहीं लम्बा समय लग सकता है। अतः भूकंप से संभावित जन धन की अपार क्षति के कारण यह आवष्यक हो जाता है कि भूकंप से सुरक्षा पर समुचित ध्यान दिया जावे। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. ज्योति जुनगरे ने कहा कि भूकंप पूरे विष्व में किसी भी समय आ सकता है उसकी तीव्रता के आधार पर विनाष कम या व्यापक रूप से होता है। भूकंप आने के दो कारण होते है प्राकृतिक या मानव जनित ज्यादातर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण आते है। उन्होने महाराष्ट्र के लातूर भूकंप त्रासदी का उदाहरण दिया। मुख्य वक्ता डॉ. इमरान खान ने भूकंप का सामान्य परिचय देते हुए उन भौगोलिक कारणों को विस्तृत रूप से समझाया। उन्होने बताया कि पृथ्वी की बाहरी परत में अचानक हलचल होती है जिससे उत्पन्न ऊर्जा इसका कारण होता है यह उर्जा पृथ्वी की सतह पर भूकंप की तरंगे पैदा करती है यह तरंगें धरती को हिलाकर प्रकट होती है। पूरी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है यह प्लेटें इसी लावे पर तैर रही है और इनके टकराने से ऊर्जा निकलती है जिसे भूकंप कहते है। कार्यक्रम में डॉ. हेमन्त चौधरी ने भूकंप आने से होने वाले प्रभावों को विस्तार से समझाया। भूकंप से जान माल की हानि होती है भूकंप आने से इमारतें, बॉध, पुल आदि पृथ्वी के नाभकीय उर्जा केन्द्र को नुकसान पहुॅचाते है। भूकंप से बचाव किस तरह किया जाना चाहिए इस बात को भी विस्तार से समझाया। शैलेन्द्र तिवारी, मनोज सिसोदिया , जलज श्रीवास्तव, बलराम यादव एवं राजेश यादव ने तकनीकि सहयोग दिया। कार्यक्रम का आभार श्रीमती किरण विष्वकर्मा ने किया इस गूगल मीट में 75 छात्राएॅ एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक, सहायक प्रध्यापक, अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
प्रदीप गुप्ता की रिपोर्ट

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