Breaking News
Home / More / बिचोलियो और रिस्वत खोरो से बदनाम हो रहा राजस्वा महकमा ,पैसे नहीं दोगे तो विभाग के चक्कर लगाती रहेगी जनता !

बिचोलियो और रिस्वत खोरो से बदनाम हो रहा राजस्वा महकमा ,पैसे नहीं दोगे तो विभाग के चक्कर लगाती रहेगी जनता !

बिचोलियो और रिस्वत खोरो से बदनाम हो रहा राजस्वा महकमा ,पैसे नहीं दोगे तो विभाग के चक्कर लगाती रहेगी जनता !
गुनौर / इन दिनों जंहा प्रदेश सरकार भ्रस्टाचार निरोधक कानूनों को लगातार बना रही परन्तु प्रदेश के सभी जिलों तहसीलों निगमों के अधिकारियो दवारा सरकार के बनाए नियमो को तार में रखकर लगातार भ्रस्टाचार को पनका रहे है!भ्रष्टाचार का बोलबाला सर्वत्र व्यप्त है। संभवत: कोई भी विभाग ऐसा नही है जो भ्रष्टाचार के चपेट में ना हो भ्रष्टाचार के दानव ने सभी को अपने प्रभाव में ले लिया है। इतना ही नही इस भ्रष्टाचार के दानव का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलता है राजस्व महकमे में जहाँ बिना पैसा लिए दिये कोई भी कम नामुमकिन सा हो जाता हैऔर इतना ही नही बेईमानों ने इस रिशवत को नजराना के नाम से सम्बोधित करना प्रारंभ कर दिया है और इसका दूसरा नाम चढ़वा है। ये नाम भी इस दौर में काफ़ी प्रचलन में है अतः कमोबेश हर सरकारी दफ्तर में काम के बदले में नोटों के चढ़ावे का दस्तूर बन गया है। किसी भी विभाग के बड़े बाबू को बगैर चढ़ावा चढ़ाए किसी भी काम की फाइल आगे ही नहीं बढ़ती। इसलिए चढ़ावे की मांग से भ्र्ष्टाचार का बढ़ता ग्राफ, एक आम आदमी के लिए चिंतन का विषय बन गया है।इल्म हो कि राजस्व विभाग शुरू से ही भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है इस विभाग से ताल्लुक रखने वाले चपरासी से लेकर सभी कर्मचारी भ्रष्टाचार में गले तक डूबे हुए है पटवारी हो राजस्व निरीक्षक या फ़िर चाहे वो तहसीलदार ही क्यों ना हो एंकर राते भी चढ़वा मंगती है और सुबह नींद भी नजराना लेने के बाद ही खुलती है। इतना ही नही ये नजराना भी दलालों के माध्यम से लेते है इनके दलाल पूरे दफ्तरों में काम करवाने के नाम से ग्राहकों पर अपनी गिद्ध दृष्टि गड़ाए रहते है।और जब नजराना यानि रिशवत कि रकम तय हो जाती है तो ये अधिकारी से बात कर इनके कार्यों को अंजाम देते है। इल्म हो कि ये कोई एक जिले की बात नही है बल्कि पूरे प्रदेश का यही हाल है और तो और इनको किसी भी कार्यवाही का भय भी नही है!
ही अगर वास्तविक नज़ारा देखना है तो राजस्व विभाग के तहसील कार्यालय गुनौर में जाकर सब कुछ खुली आँखों से देखा जा सकता है कि जमीन संबंधी मामलों में एक आम आदमी किस तरह से धक्के खाता है और किस प्रकार से उपेक्षित होता है।बेबस नज़र आता है इस कार्यालय के बाबू,पटवारी, और अधिकारियों के सामने अपने काम के लिये गिड़गिड़ाते नज़र आते है और यह मामला बहुत ही मार्मिक होता है।यक़ीनन यहां के हालात देखकर अफसोस होता है।कि अपने काम करवाने के लिये ये अधिकारी और बाबू के सामने किस तरह से विनती करते है कोई कहता है कि साहेब पैसे लेलो लेकिन आज काम कर दो,लेकिन टालो मत,तो कोई कहता है कि साहेब पैसा कुछ कम है आप काम कर दो,तो कोई कहता है साहब कर्ज लेकर आया हूँ मेरा काम कर दीजिए,तो कोई कहता है साहब एक माह से चक्कर लगा रहा हूँ।.साहब मेरा नामांकन रुका हुआ है,साहब मेरा सीमांकन…,साहब मेरा नामान्तरण…,साहब मेरा बी वन खसरा… तो कोई कहता है कि साहब मेरी मां की मौत हो गई है मेरा नाम चढ़ाना है,और कोई यह भी कहता नजर आता है कि साहब ऋण पुस्तिका बना दीजिये,यह सब देखकर बहुत ही दुःख होता है कि एक आम आदमी सरकार के बनाये नियम और कानून का पालन करने के लिए इस दफ्तर में कितने धक्के खाता रहता है और ये अधिकारी और कर्मचारियों के कानों में जूं तक नही रेंगती,जबकि ये जनता के नोकर है और जनता से ही अभद्रता पूर्वक व्यहार करते है अब सवाल यह उठता है कि सभी सरकारी दफ्तरों में सरकार ने कानून बना रखा है काम को समय सीमा में पूरा करना है तो फिर कैसे ये सरकारी नौकर जनता के काम के एवज में रिशवत की मांग क्यों करते है?
गुनौर तहसील में तो बाबुओ का राज ही चलता है जनता से तो ऐसे बात करते है जैसे ये जनता का काम न करते हो कोई उपकार करते हो जिसका चाहते है काम करवा लेते है और जिसका चाहते है की इसका काम रोकना है तो किसी भी एवज में रोक लेते है इससे इस बात का अनुशरण होता है की यदि एक आम आदमी को अपना काम करवाना है तो इनकी शरण में जाना है होगा और चढ़ावे की पेशकश करनी है होगी !ये बाबू कई वर्षो से यंहा दैनिक बेतन भोगी पदस्थ है जिस कारन इनके सम्बन्ध समस्त रसूकदारों से हो चुके है जिससे ये बिना भय के लगतार भ्रष्टाचार को पनपा रहे है !
गुनौर के आमजन का कलेक्टर महोदय से निवेदन है कि लम्बे समय से अपनी जड़ जमा चके , रसूखदारों से सम्बन्ध रखने वाले तथा सिर्फ पैसे वाले लोगो का काम करने वाले इन बाबुओ की पदस्थान अन्यत्र सुनुचित की जाय जिससे तहसील गुनौर में आम आदमी के कार्य सुगमता से हो सके और इन्हे शाशन की योजनाओ का लाभ मि सके ! सुनिचित किया जाय !

About आंखें क्राइम पर

Avatar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*