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स्वसहायता समूह की महिलाएं बन रही आत्म निर्भर

स्वसहायता समूह की महिलाएं बन रही आत्म निर्भर
होशंगाबाद 30 दिसंबर 2020/आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की संकल्पना को साकार करने के लिए स्व सहायता समूह की महिलाएं अहम भूमिका निभा रही है।जिले की सहायता समूह की दीदियां अपने ही गांव में सूक्ष्म उद्योग लगाकर मिर्च मसाले, आलू चिप्स, ब्रेड, पिज़्ज़ा, बर्गर,केक, बिस्किट, टोस्ट ,पेटीज, पेस्ट्री, घी, मावा, अचार, बड़ी, पापड़,बनाकर बेच रही है एवं सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं l गांव में उत्पादित शुद्ध कच्चे माल से निर्मित यह खाद्य सामग्रियां ग्राहकों को शुद्धता की गारंटी के साथ बहुत पसंद आ रही हैं lमिशन द्वारा इन सभी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के संचालन हेतु आवश्यक खाद्य विभाग द्वारा जारी एफएसएसएआई लाइसेंस भी उपलब्ध कराया गया है l
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला पंचायत होशंगाबाद अंतर्गत जिले में लगभग 65000 गरीब परिवार की महिलाओं को 5500 सहायता समूह के रूप में संगठित किया गया है l इन स्व सहायता समूह सदस्यों को शासन द्वारा वित्तीय सहायता के रूप में सामुदायिक निवेश निधि व बैंको के माध्यम बैंक लिंकेज की राशि उपलब्ध कराई गई है l जिससे यह अपने लिए स्वरोजगार स्थापित कर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर सकें l इन स्वसहायता समूह सदस्यों को छोटे छोटे लघु उद्योगों को स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है l कलेक्टर श्री धनंजय सिंह द्वारा स्व सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण व समूहों को बेहतर मार्केट लिंकेज हेतु सतत मॉनिटरिंग की जा रही है । प्रशासन द्वारा स्व सहायता समूहों के बने उत्पाद के विक्रय हेतु जिला पंचायत परिसर में आजीविका बाजार व केंटीन हेतु दुकान उपलब्ध कराई गई है। साथ ही सभी विकासखंडों में शासकीय भवनों में दुकान उपलब्ध करवाई जा रही है।
जिला पंचायत सीईओ मनोज सरियाम द्वारा बताया गया कि आत्मनिर्भर भारत निर्माण की दिशा में कार्य करते हुए स्व सहायता समूहों द्वारा छोटे-छोटे उद्योग लगाकर विभिन्न खाद्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। इन उत्पादों में देसी खुशबू होने के कारण मार्केट में इनकी अच्छी मांग है l
सुरभि स्व सहायता समूह ग्राम कीरतपुर विकासखंड केसला द्वारा आचार निर्माण का कार्य, राधे स्व सहायता समूह ग्राम सांगा खेड़ा खुर्द विकासखंड बाबई द्वारा बेकरी आइटम निर्माण का कार्य, योगेश्वरी स्व सहायता समूह ग्राम तरौन कला विकासखंड पिपरिया द्वारा घी निर्माण का कार्य, महालक्ष्मी स्वसहायता समूह ग्राम रोहना विकासखंड होशंगाबाद द्वारा मिर्च मसाले बनाने का कार्य, माधव स्वसहायता समूह ग्राम रोहना विकासखंड होशंगाबाद द्वारा जैविक तरीके से उगाए हुए आलू के चिप्स, व ग्राम जासलपुर, डोंगरवारा, पांजराकला में जैविक तरीके मशरूम उत्पादन किया जा रहा है।
पापड़ बनाने का कार्य,गंगा स्व सहायता समूह ग्राम चौकीमाफी विकासखंड सिवनी मालवा द्वारा मावा पनीर बनाने का कार्य किया जा रहा है।इसके अलावा समूह की दीदियां टॉयलेट क्लीनर, हर्बल साबुन,हैंडवाश, फिनाइल, जूट बेग, सॉफ्ट टॉयज, वर्मी कम्पोष्ट, , सैनेट्री पैड रिपेकेजिंग, चूड़ी कंगन, मूर्ति निर्माण आदि का कार्य कर आत्मनिर्भर बनकर उभर रही हैं।

विशेष प्रयास
कोरोना वॉयरस महामारी से निपटने हेतु स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा हजारों की संख्या में मास्क बनाकर प्रदाय किए गए व पीपीई किट , सेनेटाइजर का निर्माण भी किया जाकर वितरण ग्राम पंचायतों में व विभागों हेतु उपलब्ध कराए। शासन के निर्देशनुसार जिले में सभी जनपद में निर्मित गौशालाओं में से 8 गौशालाओं का एवं नरेगा व उद्यानिकी विभाग की नर्सरियों में 7 नर्सरी का संचालन का कार्य स्व सहायता समूह कर रहे है ।इससे उनको रोजगार का सृजन हो रहा है। इसी प्रकार मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड के बिल वसूली का कार्य स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा निष्ठा विद्युत मित्र के रूप में किया जा रहा है ,इस कार्य में जिले के सभी विकासखंड से कुल 46 निष्ठा मित्र जुड़कर बिल वसूली, व नए कनेक्शन देने का कार्य कर रही है।
इन सभी कार्यों को अंजाम दिलाने में व महिला स्व सहायता समूहों को आत्म निर्भर बनाने में जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।

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