मठारदेव मेला समापन अवसर पर सम्मान कार्यक्रम में कथित पत्रकार किया सम्मानित

मठारदेव मेला समापन अवसर पर सम्मान कार्यक्रम में कथित पत्रकार किया सम्मानित

नपा की बड़ी चूक, बिना सूची के ही कर रहे थे कार्यक्रम, वरिष्ठ पत्रकारों को किया दरकिनार

बैतूल/सारनी। कैलाश पाटिल

बाबा महादेव मेला समापन के अवसर पर सामाजिक , बुद्धिजीवी पत्रकारों और कर्मचारियों का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया जाता है। यह परंपरा लगातार चली आ रही है। लेकिन इस वर्ष समापन के अवसर पर नगर पालिका स्थानीय पत्रकारों को भूलकर नगर पालिका के एक पार्षद जनप्रतिनिधि को पहले प्राथमिकता दी गई। वही चेहरा देखकर नाम लेकर सम्मानित किया गया। परंतु जो वर्षों से नगरपालिका से संबंधित एवं सामाजिक रुप से अपनी लेखनी के माध्यम से आम जनमानस तक खबरों को पहुंचाने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को ही नगर पालिका भूल गई। और कथित पत्रकार को तबज्जों देने से पत्रकारों में नगर पालिका के प्रति रोष व्याप्त है। वर्षों से नपा बाबा मठारदेव मंदिर प्रांगण में मेला समापन अवसर पर सम्मान समारोह का कार्यक्रम करते आ रही है तो क्या नगरपालिका के पास स्थानीय पुराने पत्रकारों की सूची तक नहीं थी या पत्रकारों की सूची को अपडेट करना भी उचित नहीं समझा जिसके कारण नगरपालिका को पत्रकारों के चेहरे देखकर सम्मानित करना पड़ा।नगर पालिका के आला अधिकारी जो कार्यक्रम का संचालन कर रहे थे उन्हें यह भली भांति ज्ञात होना चाहिए कि किसी सार्वजनिक, धार्मिक कार्यक्रम में समाजिक संगठनो, पत्रकारो, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में शामिल होने की सूचना पूर्व से ही दी जाती है। इस वर्ष देखने में यह भी आया कि कार्यक्रम में शहर के नामी पत्रकार भी बैठे हुए थे लेकिन नगर पालिका ने उन सभी पत्रकारों का अपमान करते हुए एक पार्षद का ही पहले नाम लिया जो अभी-अभी पत्रकारिता में आया है क्या जब पार्षद को ही नगर पालिका सम्मानित करना था तो नगर पालिका ने सूचना देखर शहर के वरिष्ठ पत्रकारों को क्यों बुलाया। इस से सभी के सम्मान को ठेस पहुंची है और उन्होंने इसकी कड़ी निंदा की है। जल्द ही सारनी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारगण इस संबंध में जिला कलेक्टर से मुलाकात कर चर्चा करेंगे। वही जागरूक लोगों का कहना है कि सत्ता पक्ष के ही कथित पत्रकार ठेकेदार और नेताओं को ही नपा के माध्यम से सम्मानित कर लाभ पहुंचाने का कार्य वर्षों से जारी है इससे सच्ची, दलगत राजनीति से हटकर पत्रकारिता करने वालों की उपेक्षा होते रहती है।

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