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कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जारी समसामयिक सलाह पर किसान भाई अमल करे – उप संचालक कृषि

कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जारी समसामयिक सलाह पर किसान भाई अमल करे – उप संचालक कृषि

होशंगाबाद, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भारतयी कृषि अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केन्द्र इंदौर द्वारा किसान भाईयों को समसामयिक सलाह जारी की गई है। उप संचालक कृषि होशंगाबाद जितेन्द्र सिंह ने तदाशय की जानकारी देते हुए किसान भाईयों से अनुरोध किया है कि वे कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जारी समसामयिक सलाह पर अमल करें।

कृषि वैज्ञानिको द्वारा किसान भाईयों के लिए जारी सलाह की जानकारी देते हुए बताया गया है कि पाला पड़ने की संभावना है इससे बचाव के लिए किसानभाई फसलों में हल्की सिंचाई करे अथवा थायो यूरिया की 500 ग्राम मात्रा का एक हजार लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काब करे अथवा 8 से 10 किलोग्राम सल्फर पाउडर प्रति एकड़ का भुरकाव करे अथवा घुलनशील सल्फर 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर अथवा 0.1 प्रतिशत गंधक अम्ल का छिड़काव करें। देर से बुवाई की गई फसल में सिंचाई के साथ एक तिहाई नत्रजन 33 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से अर्थात यूरिया 70 से 72 किलोग्राम प्रति हेक्टयर सिंचाई से पूर्व भुरकर दें। किसान भाईयों से कहा गया है कि वे अगेती बुवाई वाली किस्मों में सिंचाई न करे तथा पूर्ण सिंचित समय से बुवाई वाली किस्मों में 20-20 दिन के अंतराल पर 4 सिंचाई करें। फसलो में आवश्यकता से अधिक सिंचाई करने पर फसल गिर सकती है, दानो में दूधिया धब्बे आ सकते हैं और इससे उपज कम हो सकती है। किसान भाईयों से कहा गया है कि वे बालियाँ निकलते समय फव्वारा विधि से सिंचाई न करे ऐसा करने से फूल खिर जाते हैं, दानों का मुँह काला पड़ जाता है व करनाल बंट तथा कंडुवा व्याधि के प्रकोप की संभावना बढ़ जाती है। समय से बोई गई फसलों में उगे खरपतवारों को जड़ सहित उखाड़कर जानवारों के चारे के रूप में इस्तेमाल करे अथवा गड़ढे में डालकर कार्बनिक खाद तैयार करे। इसी तरह से देर से बाई गई फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए खुरपी या हैंड हो से फसल मं निराई-गुड़ाई करे। किसान भाईयों से कहा गया है कि श्रमिक उपलब्ध न होने की दशा में जब खरपतवार 2 से 4 पत्ती के हो तो चौड़ी पत्ती वालों के लिए 4 ग्राम मेटसल्फ्युरोन मिथाइल या 650 मिली लीटर 2,4 डी प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करे। संकरी पत्ती वालों के लिए 60 ग्राम फलोडिनेफोप प्रोपरजिल प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़ाकाव करें तथा दोनों तरह की खरतवारों के लिए उपरोक्त दवाओं को मिलाकर या बाजार में उपलब्ध इनके रेडी मिक्स उत्पादों का छिड़काब करे। छिड़काव के लिए स्प्रेयर में फ्लैट फैन नोजल का इस्तेमाल करें। किसान भाईयो को यह भी सलाह दी गई है कि वे गेहूं फसल के उपरी भाग अर्थात तना एवं पत्तों पर गेहूं की इल्ली तथा माहु का प्रकोप परिलक्षित होने पर इमिडाक्लोप्रिड 250 मिली ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। गेहूं में हेड ब्लाइट रोग आने पर प्रोपिकेनाजोल एक मिली लीटर दवा प्रति लीटर पानी में घोंल बनाकर फसल पर छिड़काव करे। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसान भाईयों को बताया गया है कि उच्च गुणवत्ता युक्त बीज जैसे कि आधार बीज की फसल में एक बार और रोगिग करने से बीज की गुणवत्ता बढ़ जाती है।

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