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15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

बैतूल/सारनी। कैलाश पाटिल

कार्मिको की मांग एवं समस्याओं को लेकर चल रहे पावर इंजीनियर्स एंड एम्प्लाइज एसोसिएशन के द्वारा किये जा रहे आंदोलन के दूसरे चरण का शंखनाद गुरुवार को किया गया। जानकारी देते हुए पीईईए एसोसिएशन के प्रदेश प्रसार सचिव सुनील सरियाम एवं क्षेत्रीय सचिव जगदीश साहू ने बताया कि 28 जनवरी को प्रदेश के सभी विद्युत ग्रहों के गेट पर 5.30 बजे मीटिंग एवं मुख्य अभियान को 15 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। जिसके तहत पावर इंजीनियर्स एंड एम्प्लाइज एसोसिएशन सारनी द्वारा दूसरे चरण का विरोध प्रदर्शन सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के गेट क्रमांक 7 में शाम 5:30 बजे विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसके बाद अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्रीराम सोनी को ज्ञापन वाचन कर सौंपा गया। जबकि अगर इसके बाद भी सरकार विद्युतकर्मियों की मांगे नहीं मानती हैं तो 1 फरवरी से प्रतिदिन 1 घंटे 5.30 बजे से 6.30 बजे तक समस्त विद्युत ग्रह एवं कंपनी मुख्यालय शक्तिभवन में धरना दिया जायेगा।

यह मांगे हैं शामिल-

कम्पनी द्वारा नियुक्त विद्युत कार्मिकों के साथ भेदभाव करते हुए सीटें रिक्त होने के बावजूद भी जबलपुर मुख्यालय से
उच्च पद का चालू प्रभार नहीं दिया जा रहा है, जबकि मण्डल द्वारा नियुक्त कार्मिकों को निरन्तर चालू प्रभार दिये जा रहे।

कम्पनी द्वारा नियुक्त सहायक अभियंताओं को नियुक्त हुए लगभग 14 वर्षों से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है।
कार्यपालन अभियंता का 150 से अधिक पद रिक्त होने के बावजूद, कम्पनी द्वारा नियुक्त सहायक अभियंताओं को
कार्यपालन अभियंता के पद का चालू प्रभार जबलपुर मुख्यालय से नहीं दिया जा रहा है जबकि, अन्य पदों हेतु मण्डल द्वारा नियुक्त कार्मिकों को जबलपुर मुख्यालय से निरन्तर उच्च पद का चालू प्रभार दिया जा रहा है, जिससे कम्पनी द्वारा नियुक्त सहायक अभियंताओं के अंदर भारी निराशा व्याप्त है। कम्पनी द्वारा नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं के वरिष्ठ होते हुए भी उनको सहायक अभियंता का चालू प्रभार न देकर मण्डल द्वारा नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को सहायक अभियंता का चालू प्रभार दे दिया गया तथा कम्पनी द्वारा नियुक्त कनिष्ठ अभियताओं को कम्पनी में नियुक्त हुए लगभग 11-12 वर्षों का समय व्यतीत हो जाने के बावजूद आज दिनांक तक उन्हें सहायक अभियंता के पद का चालू प्रभार नहीं दिया गया है। कम्पनी द्वारा नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं के साथ भेदभाव करने तथा उन्हें सहायक अभियंता के पद का चालू प्रभार जबलपुर मुख्यालय से न दिये जाने से उनके अंदर भारी निराशा व्याप्त है।

कम्पनी द्वारा नियुक्त संयंत्र सहायकों को भी कम्पनी में नियुक्त हुए लगभग 11 वर्षों का समय व्यतीत हो चुका है तथा वरिष्ठ संयंत्र सहायकों के पद भी रिक्त है। कम्पनी द्वारा नियुक्त संयंत्र सहायकों को परिक्ष संयंत्र सहायक के पद का चालू प्रभार न दिये जाने से उनके भीतर भारी निराशा व्याप्त है। जिसको लेकर कम्पनी द्वारा नियुक्त सहायक अभियंताओं को कार्यपालन अभियंता का, कनिष्ठ अभियंताओं को सहायक अभियंता का चालू प्रभार जबलपुर मुख्यालय से दिये जाये तथा कम्पनी द्वारा नियुक्त संयंत्र सहायक को विद्युत गृहों से वरिष्ठ संयंत्र सहायक के पद का चालू प्रभार दिया जाये।

मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा नियुक्त संयंत्र सहायक की वेतनमान की वेतन विसंगति ग्रेड पे 2500 रुपये हेतु मूल वेतन 8510 रुपये की जगह मूल वेतन 7440 रुपये से अधिक कर तदानुसार सातवें वेतनमान की मैट्रिक्स कॉलम-4 में मूल वेतन की शुरूभात 23200 रुपये की जगह 26000 रुपये से अधिक बार मैट्रिक्स कॉलम-4 को तदानुसार संशोधित किया जाने।

मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा नियुक्त विद्युत कार्मिकों को आदेश कांक गुअ. (गासं, एवं प्रशा.)/उ.स.-11/ 2018/3207 जबलपुर दिनांक 10.08.2010 द्वारा देय किये गये प्रशिक्षण अवधि के वेतन वृद्धि को गलत Interpretation कर वापस ले लिया गया है, वापस लिये गये प्रशिक्षण अवधि के वेतन वृद्धि को पुनः दिया जाने।

मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड में सातवें वेतनमान में 7600/- ग्रेड पे के लिये कंपनी कार्मिकों हेतु 03 कॉलम की मैट्रिक्स दी गई है जबकि मंडल द्वारा नियुक्त कार्मिकों के लिये 7000/- ग्रेड पे के लिये 03 कॉलम की मैट्रिक्स दी गई है, जिससे कंपनी कार्मिकों को भविष्य में आर्थिक क्षति होगी तथा यह कंपनी कार्मिकों के साथ अन्याय तथा भेदभाव को प्रदर्शित करता है। जिसको लेकर 03 कॉलम की मैट्रिक्स विलोपित कर कंपनी द्वारा नियुक्त कार्मिकों हेतु भी 03 कॉलम की मैट्रिक्स लागू की जाने।

मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड में कंपनी द्वारा नियुक्त उच्च शिक्षा प्राप्त (सेवाकाल में/रोवाकाल से पूर्व) कनिष्ठ अभियंताओं तथा संयंत्र सहायकों को कभश: सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता के पद पर नियमानुसार नियुक्ति दिया जाने।

मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड में कंपनी द्वारा नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वरिष्ठता को नजर अंदाज करते हुये मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा कंपनी में अंतरित कनिष्ठ विद्युत कार्मिकों को पदोन्नति दिये जाने संबंधी ऊर्जा विभाग के पत्र दिनांक 09 जून 2011 की कंडिका क्रमांक 02 एवं पत्र दिनांक 22.09.2012 की कंडिका कमांक 3 (III) को निरस्त किया जाने।

मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा नियुक्त शिफ्ट में कार्य कर रहे अभियंताओं को छुट्टी के दिन कार्य कराये जाने पर सी-ऑफ का भुगतान छठे वेतनमान की दर से किया जा रहा है जबकि सी-ऑफ वेजेस की श्रेणी में आता है तथा वर्तमान में सातों वेतनमान प्रभावशील है। अतः सी-ऑफ का भुगतान सातवें वेतनमान की दर से किये जाने हेतु आदेश प्रसारित किये जाने।

कंपनी द्वारा नियुक्त सहायक अभियंता (बैच 2009) जिन्होंने प्रथम उच्च वेतनमान की तिथि परिवर्तन हेतु आवेदन दिया है। उन सभी के प्रथम उच्च वेतनमान के तिथि को मंडल, कंपनी के नियमानुसार परिवर्तित किया जाने। जिस प्रकार मंडल द्वारा नियुक्त अधिकारियों की उच्च वेतनमान की तिथि में परिवर्तन किये गये।

मंडल द्वारा नियुक्त कार्मिकों की भांति कंपनी द्वारा नियुक्त विद्युत कार्मिकों को भी विद्युत देयक में 50% की छूट प्रदान की जाने।

विद्युत गृहों में कार्यरत कर्मचारियों को कारखाना अधिनियम 1948 के संसोधित प्रायाधानों के अनुपालन में प्रति त्रैमासिक 125 घण्टे अतिकाल का प्रावधान कम्पनी में लागू किया जाने।

वर्षा से लंबित फ्रिंज बेनिफिट्स (नाईट शिफ्ट अलाउंस, रिस्क अलाउंस, कन्वेंस अलाउंस, कम्पसेटरी अलाउंस इत्यादि)
पुनरीक्षित किया जाने।

विद्युत गृहों में कार्यरत फायरमैन को भी पूर्वानुसार राष्ट्रीय अवकाश, छुट्टी के दिन कार्य कराये जाने पर अतिरिक्त भुगतान, अतिकाल का भुगतान इत्यादि विद्युत गृह के अन्य तकनीकि कर्मचारियों की भांति प्रदान किया जाने।

मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड में 22.04.2014 के पूर्व नियुक्त कार्मिकों हेतु भी परिपत्र क का नि (मा संसा. एवं प्रशा.)/म.प्र.पा.जन.कं.लिमि./GSLIS/1150 जबलपुर दिनांक 22.03.2018 के अनुसार G.I. पॉलिसी लागू किया जाने।

मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा नियुक्त कनिष्ठ अभियंता जिन्होंने 7 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है उन्हें सहायक अभियंता के कुल स्वीकृत पदों का 40 प्रतिशत पद कंपनी द्वारा नियुक्त कनिष्ठ अभियंता की पदोन्नति हेतु सुरक्षित रखते हुये पदोन्नति, चालू प्रभार दिया जाने।

वर्ष 2018 तथा उसके पश्चात् भर्ती किये गये नये कनिष्ठ अभियंताओं की सातवें वेतनमान की मैट्रिक्स को वर्ष 2018 के पूर्व भर्ती किये गये कनिष्ठ अभियंताओं की सातवें वेतनमान की मैट्रिक्स की तरह करते हुये उन्हें एक पदोन्नति अथवा उच्च वेतनमान पर मूल वेतन 56100 रुपये से शुरूआत कर मैट्रिक्स कॉलम का निर्धारण करते हुये संबंधित वेतन विसंगति दूर की जाने की मांग शामिल हैं।

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