बदहाल व्यवस्था , 35 हजार बोरी धान बारिश धूप से हो रहे खराब

बलरामपुर रामानुजगंज: बदहाल व्यवस्था , 35 हजार बोरी धान बारिश धूप से हो रहे खराब , अब मवेशियों का बना चारा, 3 माह से ज्यादा समय बीत गया लेकिन, नहीं हो पाया उठाव।

सरकार की बदहाली का आलम इस कदर हो चुका है कि धान खरीदी के 3 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी परिवहन नहीं हो पाया है…..

जिले के सहकारी समितियों के द्वारा धान खरीदी की गई थी वही जिला विपणन संघ से अनुबंध के अनुसार 72 घंटे में धान का उठाव होना चाहिए था परंतु 3 माह के बाद भी धान का उठाव नहीं हो पाया है वही ग्राम महावीरगंज में भी 35 हजार बोरी धान खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है जिसे मवेशी खा रहे हैं वहीं धान भी खराब हो रहा है इस बीच राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने अपने ट्विटर पर महावीरगंज में मवेशियों के द्वारा धान खाने का वीडियो डालते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि *”सरकार की बदहाली का आलम इस कदर हो चुका है कि धान खरीदी के 3 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी परिवहन नहीं हो पाया है धान खरीदी केंद्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है और मवेशी बड़े मजे से खा रहे है।”* राज्य सभा सांसद नेताम ने यह ट्वीट करते हुए महावीर गंज समिति में मवेशियों के द्वारा धान खाते हुए का वीडियो डाला है। गौरतलब है कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले में 40 धान खरीदी केंद्र है जिनके द्वारा धान की खरीदी की गई है धान की खरीदी 31 जनवरी तक की गई थी अनुबंध के अनुसार 72 घंटे के अंदर धान का उठाव हो जाना चाहिए था लेकिन जिला विपणन अधिकारी के लापरवाही का आलम यह है कि 3 माह के बाद भी धान का उठाव नहीं हो पाया है अधिकांश समितियों में खुले आसमान के नीचे हजारों क्विंटल धान आज भी पडे हुए हैं। जबकि कई बार सहकारी समितियों के धान खरीदी प्रभारियों के द्वारा इस संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों को पत्राचार्य किया जा चुका है।
*धान हो रहा है खराब–*
खुले आसमान के नीचे धान के रखे जाने से अधिकांश समितियों में धान रखें रखें खराब होने लगे हैं यहां तक कि 3 से 4 किलो प्रति बोरा सुख भी जा रहा है जिसे लेकर सहकारी समितियां भी चिंतित है।

*रामानुजगंज से सौरव कुमार चौबे कि रिपोर्ट*

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