कोरोना काल में आर्थिक मंदी में डूबी एवं बेपटरी हुई 

कोरोना काल में आर्थिक मंदी में डूबी एवं बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था पर राहत पैकेज देने हेतु तथा पेट्रोल एवं डीजल के बढ़ते बेलगाम दामों को लेकर व्यापार संगठन प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के नाम खुला पत्र के माध्यम से प्रदेश स्तर पर जल्द ही हर जिला मुख्यालय पर उपायुक्त के माध्यम से देगा ज्ञापन – गुलशन डंग
बिनोले पर मार्केट फीस हरियाणा में सैकड़ों लघु उद्योग तथा 12 हजार खल व्यापारी बर्बादी के कगार पर
अंबाला, (जयबीर राणा थंबड़)। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग‌ व प्रदेश सचिव राकेश चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि व्यापार संगठन जल्द ही प्रदेश स्तर पर हर जिला मुख्यालय पर अपने जिला प्रधान एवं व्यापारी प्रतिनिधियों द्वारा प्रधान प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी के नाम एक खुला पत्र के माध्यम से ज्ञापन दिया जाएगा उस ज्ञापन का जो मसौदा होगा वह करोना काल में व्यापार और व्यापारी इस ऐतिहासिक आर्थिक मंदी और बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था तथा डीजल एवं पेट्रोल की बेतहाशा बढ़ते हुए दामों को लेकर उपायुक्त महोदय के माध्यम से जल्द ही ज्ञापन सौंपा जाएंगे और मांग की जाएगी इस आर्थिक मंदी को देखते हुए एक राहत पैकेज की घोषणा की जाए जिस के मुख्य बिंदु उस पत्र में लिखे जाएंगे तथा पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती हुई बेतहाशा वृद्धि जिससे महंगाई आम आदमी और व्यापारी की कमर तोड़ देगी और अर्थव्यवस्था तबाह होने की कगार पर चली जाएगी इसलिए हम सरकार से मांग करेंगे की तेल की बेतहाशा मूल्य वृद्धि पर अंकुश लगाया जाए और इसे जीएसटी के दायरे में लाया जाए ताकि महंगाई की जो दर आसमान को छू रही है उस पर अंकुश लग सके और करोना के इस क्रूर काल में जो आम, गरीब, आदमी, मजदूर, कमेरा और मध्यम वर्ग बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है, उसको कुछ राहत मिले और राहत पैकेज देने से दोबारा व्यापार पटरी पर आए और देश मे विकास की दर दोबारा उसी लाइन पर आ जाए हम सरकार को आगाह करते हैं कि उपरोक्त मांगे व्यापार संगठन की मानी जाए अन्यथा व्यापार संगठन देशव्यापी आंदोलन छेड़ने पर मजबूर हो जाएगा जिसके लिए सरकार स्वयं जिम्मेवारी होगी क्योंकि जितना टैक्स आज तेल की कीमतों में चाहे वह सीजीएसटी हो या एसजीएसटी हो उस पर बेतहाशा वृद्धि हुई है। जो 2014 में पेट्रोल एवं डीजल की टैक्स की दरें 5% लगभग होती थी उन में बेतहाशा वृद्धि करके आज 36 पर्सेंट तक टैक्स वसूले जा रहे हैं जिससे महंगाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है और जरूरी अनाज दालों एवं वनस्पति सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही है और आम आदमी इस महंगाई में पीस रहा है, इसलिए व्यापार संगठन मांग करता है इस पर अंकुश लगाया जाना चाहिए।
इसके अलावा हरियाणा प्रदेश सरकार द्वारा बिनौले पर मार्केट फीस लगाने की वजह से सैकड़ों की तादाद में लघु उद्योग एवं 12 हजार तकरीबन खल व्यापारी बर्बादी के कगार पर चले जाएंगे क्योंकि प्रदेश के आयल मिलर्स एवं खल व्यापारियों ने इस बाबत संगठन को अवगत कराया की जब आयल मिलर तेल के स्पेलर वालों ने पक्के बिलों पर बिनोला खरीद रखा है और बिनोला खरीद का सारा कागजों में जमा खर्च जिससे बिनौला खरीद रखा है उससे नरमा की फीस जमा करवा रखी है तो बिनोला पर मार्केट फीस लगाने का सरकार को कोई औचितय नहीं बनता।
प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग ने बताया की हरियाणा में जो बिनोला खरीद रखा है उसका डबल एल फॉर्म दे रखा है और राजस्थान, आंध्र प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना आदि राज्यों से बिनौला हरियाणा में आया है उसका पूरा जमा खर्च हरियाणा के व्यापारी के पास है और उसका जीएसटी भी व्यापारियों ने भर रखा है इसके बावजूद हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए व्यापारियों को नाजायज तंग कर रहे हैं। जिसका व्यापार संगठन विरोध करता है और यह मांग करता है कि अधिकारी इसके ऊपर एक स्क्रीनिंग कमेटी बनाकर जिसमें व्यापारिक नुमाइंदा भी हो इस फैसले को रिव्यू करें और बिनौले पर मार्केट फीस हटाई जाए क्योंकि जब नरमे पर मार्केट फीस दी जा चुकी है तो सरकार को बिनोले पर मार्केट फीस लेने का कोई औचित्य नहीं बनता की हरियाणा में बिनौले का तेल निकालने के लिए लगभग 400 के करीब लघु उद्योग कार्य कर रहे हैं एवं खल का व्यापार शहर एवं गांव स्तर पर लगभग 12 हजार व्यापारी इस पर काम कर रहा है और अगर सरकार ने इस पर मार्केट फीस लगा दी तो व्यापारी सड़क पर आ जाएंगे। इसलिए व्यापार संगठन यह मांग करता है कि इस फीस को हटाया जाए ओ डबल एल फार्म कोई टैक्स नहीं है। मार्केट कमेटी के अधिकारी अपनी मनमानी करने पर उतारू है और सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो व्यापार संगठन कड़ा संज्ञान लेते हुए आगामी रणनीति की तैयारी करेगा।

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