ग्राम पंचायत थोब मे चल रहे अवैध खनन पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

ग्राम पंचायत थोब मे चल रहे अवैध खनन पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

हाईकोर्ट ने राज. सरकार, खनिज विभाग, पुलिस व जिला कलेक्टर को नोटीस जारी कर 14 दिन मे जवाब तलब किया।

बाड़मेर जिले के ग्राम पंचायत थोब में चल रहे पत्थर , कंक्रिट व ग्रेवल के अवैध खनन व अवैध संचालित स्टोन क्रेशरों के मामले में पुलिस, प्रशासन व खनीज विभाग द्वारा कई बार शिकायतों के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं होने से आहत हो कर आरटीआई कार्यकर्ता सुमेर लाल शर्मा ने राजस्थान उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की जिस पर डबल बैंच मे राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री अकील कुरेशी व न्यायमूर्ती श्री सुदेश बंसल ने मामले पर सुनवाई करते हुए जनहित याचिका सुमेर लाल शर्मा बनाम स्टेट ऑफ राजस्थान में निदेशक खनिज विभाग-राजस्थान सरकार, जिला कलेक्टर बाडमेर, पुलिस अधीक्षक बाड़मेर, उपखंड अधिकारी बालोतरा, खनिज अभियंता बाड़मेर, पुलिस थानाधिकारी पचपदरा व तहसीलदार पचपदरा को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया।

ज्ञात हो कि थोब ग्राम पंचायत द्वारा दिनांक 23.08.2021 को मुख्यमंत्री को खनीज विभाग, पुलिस अधीक्षक बाड़मेर व जिला कलेक्टर बाड़मेर के नाम एक पत्र लिख कर अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण तथा अवैध स्टोन केशरों के संचालन पर कार्यवाही के लिये पत्र लिखा लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होने से व्यथित हो कर सम्पूर्ण ग्राम पंचायत सभा थोब ने ग्रामीणों व याचिकाकर्ता सुमेर लाल शर्मा कि शिकायतों पर पंचायतीराज अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों को उपयोग करते हुऐ दिनांक 05.09.2021 को पंचायत की साधारण बैठक का आयोजन कर पूर्ण बहुमत से थोब के सरपंच श्री खीमाराम चौधरी की अध्यक्षता मे ध्वनीमत से एक प्रस्ताव पारित किया कि पिछले लम्बे समय से अवैध खनन को रोकने की कार्यवाही विधिवत रूप से करने के लिये सर्व सम्मती से खसरा सं . 225 किस्म गैर मुमकिन भाखर , क्षेत्रफल 209.0700 बीघा , खसरा सं . 226 किस्म गैर मुमकिन भाखर , क्षेत्रफल 620.0800 बीघा , खसरा सं . 114 किस्म गैर मुमकिन भाखर , क्षेत्रफल 24.0200 बीघा , खसरा सं . 1438 / 832 किस्म गैर मुमकिन भाखर , क्षेत्रफल 240.0700 बीघा , खसरा सं . 1439 / 832 किस्म गैर मुमकिन भाखर , क्षेत्रफल 03.00 बीघा व अन्य भूमियों से अवैध खनन किया जा रहा है । ग्राम पंचायत थोब मे 4 अवैध केशर संचालित किये जा रहे है जिसमे अवैध रूप से पत्थर व कंकरीट को विशाल मात्रा में पीसा जाता जाता है व खनीजों का अवैध रूप से दोहन व परिवहन किया जा रहा है । जिसके संबंध में हमें कई ग्रामीणों व अन्य लोगों से शिकायतें प्राप्त हुई है तथा यह बात ग्राम पंचायत के भी ध्यान में है कि बार – बार पुलिस प्रशासन व खनीज विभाग को शिकायतें करने के बावजूद भी अवैध खनन नही रोका जा रहा है व खनन माफियों के साथ मिलीभगत कर अवैध खनन को बढ़ावा दिया जा रहा है । जिसके लिये हम सभी थोब के ग्रामीण व अधोहस्ताक्षरकर्ता पुलिस, प्रशासन व खनीन विभाग की निंदा करते है जिनकी कार्यप्रणाली व मिली भगत के चलते हमारी ग्राम पंचायत थोब व आस पास के एरीये को बर्बाद किया जा रहा है । परिणामस्वरूप आज दिन तक लगातार अवैध खनन जारी है । इसलिये हम वार्ड पंच, सरपंच व ग्राम पंचायत थोब के ग्रामीण मिल कर सर्वसम्मती से आज प्रस्ताव पारित कर सरकार, खनीज विभाग, पुलिस विभाग, जिला कलेक्टर बाड़मेर से अनुरोध करते है कि अवैध खनन माफियों व अन्य सभी दोषी लोक सेवकों के खिलाफ विधिवत कार्यवाही कर किये गये अवैध खनन के स्थानों का परिमाप कर नियमानुसार खनीजों पर लगने वाली रोयल्टी व टैक्स की पैनल्टी सहित रिकवरी की जाये किये गये खड्डे समतल करवाये जाये, किसानों को मुआवजा दिया जाये, पहाड़ों के चारों और सुरक्षात्मक दिवार या तारबंदी की जाये व अवैध खनन की रोकथाम के लिये पुलिसकर्मीयों व खनीज विभागों की टीमों से गश्त करवाई जाये।

जनहित याचिकाकर्ता सुमेर लाल शर्मा की और से पैरवी करते हुए अधिवक्त श्री विपुल सिंघवी ने माननीय न्यायालय को अवगत करवाया कि पुलिस प्रशासन, खनीज विभाग व ग्राम पंचायत को याचिकाकर्ता एवं अन्य ग्रामीणों द्वारा 20 से ज्यादा रिप्रेजेंटेशन दी गई है, सैकड़ों बीघा राजकीय भूमि पर टोटल ही अवैध खनन किया जा रहा है, थोब की आम ग्राम पंचायत सभा द्वारा पूर्ण बहुमत से अवैध खनन के खिलाफ प्रस्ताव पारित किये जाने के बावजूद भी पुलिस प्रशासन व खनीज विभाग द्वारा अवैध खनन नहीं रोका जा रहा है। अवैध खनन के लिये किये जा रहे बारूद के ब्लास्ट से लोगों के घरों में दरारें आ गई है, सरकारी विद्यालय जर्जर हो गये है व आमजनों के पानी के टांके क्षतीग्रस्त हो गये है एवं अवैध स्टोंन केशरों द्वारा सभी प्रकार के नियमों की अवहेलना करते हुऐ दिन-रात प्रदूषण फैलाया जा रहा है। जिस पर माननीय न्यायालय ने नोटीस जारी कर 2 सप्ताह में राज्य सरकार से जवाब तलब किया।

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