छात्राओं ने जाना आत्मरक्षा के लिए कितना कारगर है निर्भया सागर एप

छात्राओं ने जाना आत्मरक्षा के लिए कितना कारगर है निर्भया सागर एप
आपातकालीन स्थिति में बटन दबाते ही पुलिस के पास पहुंचती है जानकारी न्यू कैंट गर्ल्स स्कूल की छात्राओं ने देखी आईसीसीसी की कार्यपद्धति
सागर | 18-दिसम्बर-2021

महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने निर्भया सागर एप बनाया है। आपातकालीन स्थितियों में इस एप का एसओएस बटन दबाने पर पुलिस सहायता पहुंचाई जाती है। यह जानकारी शुक्रवार को आईसीसीसी का विजिट करने आईं न्यू कैंट गर्ल्स स्कूल की कक्षा 9वीं और 10वीं की करीब 50 छात्राओं को दी गई।

छात्राओं को निर्भया सागर एप के संबंध में बताया गया कि आपातकालीन स्थिति में इसका एसओएस बटन दबाने पर लोकेशन और मोबाइल के दोनों कैमरों से फोटो खिंचकर कंट्रोल रूम पहुंच जाती हैं। इसी आधार पर पुलिस द्वारा तुरंत मदद भेजी जाती है। इस एप में आप सुरक्षित और असुरक्षित इलाका भी देख सकते हैं। सफर करने के लिए यह एप सुरक्षित रूट भी बताता है। सामान गुम या चोरी होने पर या आसपास कहीं कोई अपराध होता दिखे, तो इसकी सूचना भी एप के माध्यम से पुलिस को दी जा सकती है। निर्भया सागर एप प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा स्थापित किया गया इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) सागर के विभिन्न प्रशासनिक विभागों की सेवाओं को एक प्लेटफार्म से जोडकर मॉनीटरिंग एवं कंट्रोल का काम कर रहा है। शहर में इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) सडक पर होने वाली सभी गतिविधियों पर नजर रखता है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सर्विसेज, डायल 108, ई-पालिका, सीएम हेल्पलाइन, पब्लिक टॉयलेट फीडबैक, सेफ सिटी कैमरा सर्विलांस जैसी अन्य सुविधाओं की मॉनीटरिंग भी आईसीसीसी से की जा रही है।

इस दौरान बताया गया कि शहर के पांच एंट्री-एग्जिट प्वाइंट और 19 प्रमुख स्थानों पर कैमरों की नजर रहती है। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्नीशन सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट को रियल टाइम ट्रैक करने का काम करता है। एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम से चौराहों की रियल टाइम निगरानी कंट्रोल रूम से की जाती है। रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम लालबत्ती, स्टॉप लाइन उल्लंघन या गलत दिशा में वाहन मोडने आदि की घटनाओं को पकडता है। इससे ई-चालान जारी करने में मदद मिलती है। इसके अलावा स्पीड वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम से वाहनों द्वारा निर्धारित गति के उल्लंघन के मामले पकड में आते हैं। छात्राओं को बताया गया कि इमरजेंसी कॉल बॉक्स (ईसीबी) सिस्टम का उपयोग आपातकालीन स्थितियों या दुर्घटना के मामले में मदद प्राप्त करने के लिए लोगों द्वारा किया जाता है। यूनिट में लगा बटन दबाने से आईसीसीसी और पुलिस विभाग के ऑपरेटर से संपर्क होता है, जो तत्काल आपातकालीन सहायता दल को घटनास्थल पर भेजता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*