रावेरखेड़ी के सर्वागीण विकास और सैनिक स्कूल के पूरे प्रयास किये जायेंगे

रावेरखेड़ी के सर्वागीण विकास और सैनिक स्कूल के पूरे प्रयास किये जायेंगे
बाजीराव पेशवे की 282वी पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ समारोह

खरगोन । प्रदेश के कृषि मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि श्रीमंत बाजीराव पेशवे ऐसे सपूत थे। जिन्होंने स्वाभिमान, पुरुषार्थ, देशभक्ति मातृभूमि और संस्कृति की रक्षा के लिए पूरा जीवन जिया है। ऐसे अपराजित अजेय योद्धा की हम 282वी पुण्यतिथि मना रहे हैं। आज का दिन संकल्प लेने का दिन है। इस दिन हमें संकल्पित होना चाहिए हमारी मातृभूमि के लिए। मनुष्य जीवन सर्वश्रेष्ठ है। कई योनियों के बाद मनुष्य जीवन मिलता है। ऐसा ही एक जीवन बाजीराव पेशवे का रहा है। उन्होंने अपनी अल्पायु में घुड़सवारी, भाला आदि में निपुणता हासिल की है। उनके योद्ध कौशल को आज विदेशों में भी पढ़ाया जाता है। रावेरखेड़ी के सर्वागीण विकास के लिए राज्य शासन पूरे प्रयास करेगी। इसके अलावा यहां सैनिक स्कूल बने इसके लिए भी शासन स्तर से प्रयास होंगे। यह विचार प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने रावेरखेड़ी में बाजीराव पेशवे के समाधि स्थल पर उनकी 282वी पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह के दौरान कही।

प्रभारी मंत्री का सरल स्वभाव रावेरखेड़ी ने देखा

प्रभारी मंत्री श्री पटेल जब बड़वाह से रवाना होकर रावेरखेड़ी पहुँच रहे थे। तो रावेरखेड़ी में सावदा के गोविंद की बारात आयी हुई थी। तब रोड़ पर ही गाड़ी खड़ी करवा कर मंत्री श्री पटेल उतरे और दूल्हे को आगामी जीवन की शुभकामनाएं देते हुए निमाड़ की परंपरा का निर्वहन करते हुए अपनी जेब से 200 रुपये निकाल कर दूल्हे के सेहरे से पैर तक ओढांते हुए बेंड वाले को सुपुर्द किये। यह देख बाराती और गांव के नागरिक अचंभित हो गए।

इस समारोह कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री गजेंद्र पटेल ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि देश में विजय पताका तय करने वाले योद्धा युगों-युगों में जन्म लेते हैं। बाजीराव पेशवे की तरह ही हम भी मजबूत बने और देश सेवा में संलग्न हो ऐसा संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री सचिन बिरला ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित करते हुए बाजीराव पेशवे के जीवन से जुड़े कई रोचक और अचंभित कर देने वाले प्रसंग सुनाए।

बाजीराव के अनसुने प्रसंग 282वी पुण्यतिथि पर सुनाए

बाजीराव पेशवा स्मृति प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बहार से आये वक्ताओं ने बाजीराव पेशवे से जुड़े कई प्रसंग सुनाए। उनमें तलवार बाजी, घुड़सवांरी के अलावा बाजीराव पेशवे की 7 वर्ष, 11 वर्ष और 19 वर्ष की आयु के प्रसंग, ब्रिटिश सरकार में उनके युद्ध कौशल, निजाम के साथ युद्ध के प्रसंग और कई युद्ध जो पेशवे द्वारा जीते गए। कार्यक्रम के समापन पर प्रभारी मंत्री से लेकर सभी वक्ताओं सहित सांसद, विधायक व मौजूद नागरिकों ने बड़ी चाव से पीपल पेड़ की छांव में बाजीराव भोजन किया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक श्री बाबुलाल महाजन, श्री हितेन्द्रसिंह सोलंकी, श्री परसराम चौहान और समिति के अध्यक्ष श्री लक्ष्मण इंगले उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*