प्रयागराज हत्याकांड का खुलासा: 10 ने मिलकर मासूम समेत पांच को उतारा था मौत के घाट, महिलाओं से हैवानियत के बाद की थी लूटपाट

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प्रयागराज हत्याकांड का खुलासा: 10 ने मिलकर मासूम समेत पांच को उतारा था मौत के घाट, महिलाओं से हैवानियत के बाद की थी लूटपाट
बिहार के खरवार गैंग के सदस्यों ने नवंबर 2021 में गोहरी हत्याकांड को अंजाम देने के बाद अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर थरवई के खेवराजपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों को मार डाला था। पुलिस अफसरों ने बताया कि मुठभेड़ में जख्मी हुए रोहित की पत्नी नेहा ने ही रेकी की थी। नेहा की सूचना पर बिहार से उसका पति रोहित, नवला, पीपी, मुर्गी पांख, बुंदेला, डेभी, आकाश, डेढ़गांव और चिंटू 19 अप्रैल 2022 को बिहार से छिवकी स्टेशन पहुंचे। वहां से विक्रम से नैनी रेलवे स्टेशन के पास आकर रुक गए। अगले दिन 20 अप्रैल को फाफामऊ से मोनू भी उनके पास पहुंच गया।
21 अप्रैल को दोबारा रेकी करने के लिए मोनू और सारंगी थरवई के खेवराजपुर गांव पहुंचे। पशु व्यापारी के घर को टारगेट कर लिया गया। 22 अप्रैल को कटहल की सब्जी, रोटी, चावल खाने के बाद आरोपियों ने शराब पी। शाम को आटो बुक करके फाफामऊ पहुंचे। वहां से साढ़े आठ बजे सरायचंडी रेलवे फाटक गए। वहां से पैदल ही खेवराजपुर पहुंचे। रात में करीब 12 बजे पशु व्यापारी के घर में घुसे। वहां पर एक साथ धावा बोल दिया।

खल-बट्टे, रॉड और नुकीली चीज से हमला करके मासूम बच्ची समेत पांचों को मार दिया। एडीजी ने बताया कि जिसने शोर मचाया, उसको मारते चले गए। पशु व्यापारी के पास एक बच्ची सोती रही, इसलिए उसे जिंदा छोड़ दिया। हत्या के बाद महिलाओं से गैंगरेप किया। रेप के बाद लूटपाट की। आलमारी से केवल 2100 रुपये मिले। इसलिए गुस्से में वहां पर आग लगा दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सेवइत रेलवे स्टेशन पहुंचे। अगले दिन ट्रेन से प्रयाग स्टेशन आ गए। मोनू फाफामऊ निकल गया। बाकी 9 सिविल लाइंस बस अड्डे से वाराणसी चले गए।
यूपी स्टेट से मिडिया प्रभारी पवन मिश्रा की रिपोर्ट

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