पंजीकृत कारखानों, दुकानों तथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत जनपद के श्रमिक श्रम कल्याण परिषद द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से हों लाभान्वित।

पंजीकृत कारखानों, दुकानों तथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत जनपद के श्रमिक श्रम कल्याण परिषद द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से हों लाभान्वित।

उ0प्र0 श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। श्रम कल्याण परिषद उ0प्र0 द्वारा विभिन्न योजनायें संचालित की जा रहीं हैं। इन योजनाओं के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित पंजीकृत कारखानों, दुकानों तथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत एवं कुल मासिक वेतन (मूल वेतन $ मंहगाई भत्ता) रू0 15 हजार से अधिक न हों पुरूष/महिला कामगार पात्र होंगे।
श्रम कल्याण परिषद द्वारा संचालित ज्योतिबा फुले श्रमिक कन्यादान योजना के अन्तर्गत कारखानों में काम कर रहे श्रमिकों की पुत्रियों तथा स्वंय महिला श्रमिकों के विवाह एवं तलाकशुदा/परितक्यता व विधवा महिला श्रमिकों के पुनर्विवाह हेतु रू0 51 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ श्रमिकों की 02 पुत्रियों तक देय होगा। इसी प्रकार डॉ० ए० पी० जे० अब्दुल कलाम श्रमिक प्राविधिक शिक्षा सहायता योजना के अन्तर्गत कारखाना/वाणिज्यिक अधिष्ठानों/दुकानों में काम कर रहे श्रमिकों की पुत्र/पुत्रियों के प्राविधिक शिक्षा में प्रवेश पाने पर हितलाभ प्रदान किया जाता है। इस योजना का लाभ 02 बच्चों तक देय होगा। सर्टीफिकेट कार्यक्रम हेतु रू0 07 हजार एकमुश्त प्रतिवर्ष, डिप्लोमा कार्यक्रम हेतु रूपये 10 हजार एकमुश्त प्रतिवर्ष एवं डिग्री कार्यक्रम हेतु रूपये 15 हजार एकमुश्त प्रतिवर्ष दिया जाता है तथा गणेश शंकर विद्यार्थी श्रमिक पुरस्कार राशि योजना के अन्तर्गत कारखाना/वाणिज्यिक अधिठानों/दुकानों में काम कर रहे श्रमिकों की पुत्र/पुत्रियों के हाईस्कूल/इंटरमीडिएट/ स्नातक/परास्नातक में उत्तीर्ण होने पर हितलाभ प्रदान किया जाता है। इस योजना का लाभ 02 बच्चां तक देय होगा। 60 प्रतिशत अथवा इससे अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को रू0 05 हजार प्रति अभ्यर्थी एकमुश्त वर्ष में एक बार दिया जाता है। 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को रू0 7500 प्रति अभ्यर्थी एकमुश्त वर्ष में एक बार दिया जाता है।

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