एक बारिश में होगा 107 करोड़ ली. जल का संरक्षण मनरेगा से जल संरक्षण के हो रहे नायाब काम

एक बारिश में होगा 107 करोड़ ली. जल का संरक्षण
मनरेगा से जल संरक्षण खरगोन । हमारे यहां दिनों दिन सूर्य देव अपनी प्रचंड ज्वाला से भयभीत कर रहे है। साथ ही कई जलस्त्रोत का स्तर नीचे जाने लगा है। आज ऐसी परिस्थितियां निर्मित हो रही है कि सम्भले नहीं तो सूर्य देव और पृथ्वी माता का प्रकोप पूरी मानव जाति की भुगतना होगा। हालांकि खुशी की बात है जिले में जल संरक्षण की दिशा में दो तरह से कार्य हो रहे है। एक बहते जल को भूमि में उढेलने के लिए जल संरचनाएं वाटर पोंड और अमृत सरोवर के लगातार कार्य बढ़ते जा रहे है। जहाँ तक बहते जल को जमीन में उढ़ेलने की बात है तो यहाँ 107 ऐसे अमृत सरोहर है। जो 107 करोड़ ली. जल का संरक्षण करने में सक्षम होंगे। साथ ही इन सरोवरों से इससे कहीं अधिक जल सीधे जमीन में जाने की पूरी-पूरी संभावनाएँ है। दूसरी ओर पर्याप्त बारिश हो इसके लिए जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए जाएँ। इसके लिए मनरेगा के तहत 8 नर्सरियों में 7 लाख 78 हजार से अधिक पौधे तैयार हुए हैं। उद्यानिकी और वन विभाग की नर्सरियों में पौधे तैयार किये जा रहे हैं। यह पौधे स्व सहायता समूहों द्वारा मनरेगा के तहत तैयार किये गए है।

अनकवाड़ी में स्व सहायता समूह निभाई भूमिका

बिस्टान क्षेत्र में अनकवाड़ी में उद्यानिकी विभाग की नर्सरी स्थापित है। यहां मनरेगा के तहत माँ चामुंडा स्व सहायता समूह ने 82 हजार पौधे तैयार किए हैं। 10 जून 2020 को नर्सरी प्रारम्भ हुई थी। हालांकि यह प्रोजेक्ट 3 वर्ष का है लेकिन आज नियमित देखरेख के कारण ऐसा महसूस होता है। जैसे आज ही पौधे लगाए जा सकते है। ऐसी ही नर्सरियां टोकसर, मोहम्मदपुर, छोटी कसरावद, खराड़ी, लाड़वी, बिरला और सोनखेड़ी में तैयार हो रही है।

10-10 हजार क्यूबिक मीटर वाले 107 अमृत सरोवरों में कार्य हुआ प्रारंभ

जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 107 अमृत सरोवर स्वीकृत हुए है और इनमंे कार्य प्रारम्भ हो गए हैं। ये सभी 30 जून तक बनकर तैयार होंगे। ये सरोवर जल संरक्षण के लिए नायाब उदारहण बनेंगे। इन अमृत सरोवरों के चारों ओर सघन वृक्षरोपण भी किया जाएगा। साथ ही यहाँ जनभागीदारी के कार्य भी किए जाएंगे। ये सभी सरोवर लगभग 1-1 हेक्टेयर में बन रहे है। प्रति अमृत सरोवर की क्षमता 10-10 हजार क्यूबिक मीटर पानी की होगी। मनरेगा परियोजना अधिकारी श्री श्याम रधुवंशी ने बताया कि लगभग 1 माह से प्रतिदिन 100 या 125 मजदूर प्रतिदिन मनरेगा के तहत कार्यों में संलग्न है। 104 अमृत सरोवरों में कार्य प्रगति पर है और हाल ही में स्वीकृत हुए हैं। इन सरोवरों की कुल लागत 22 करोड़ रूपये हैं। एक अनुमान के अनुसार इन सरोवरों में इतना जल होगा कि सात दिनों तक खरगोन शहर में पानी वितरित किया जा सकता है। इनमें भगवानपुरा में 20, झिरन्या में 19, कसरावद और बड़वाह में 16-16, खरगोन में 12, भीकनगांव और सेगांव में 8-8, गोगांवा में 5 तथा महेश्वर में 2 अमृत सरोवरों में काम शुरू हुआ है।के हो रहे नायाब काम

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