निचली अदालत में दोषसिद्धी, लोक अदालत में हुआ राजीनामा न्यायाधीश के विशेष प्रयास से लोक अदालत में निराकृत हुआ प्रकरण

निचली अदालत में दोषसिद्धी, लोक अदालत में हुआ राजीनामा
न्यायाधीश के विशेष प्रयास से लोक अदालत में निराकृत हुआ प्रकरण

खरगोन। नेशनल लोक अदालत विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डलेश्वर के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री डीके नागले की खण्डपीठ के एक मामले में परिवादी आशीष अरझरे द्वारा अभियुक्त मुकेश पिता स्व. गोपाल बाथवे के विरूद्ध धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करवाया गया था। जिसमें न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी कसरावद द्वारा 11 मार्च 2022 को पारित निर्णयानुसार अभियुक्त मुकेश बाथवे को आरोपित अपराध में दोषी मानकर एक वर्ष का सश्रम करावास के दण्डादेश एवं 208000 रूपये की प्रतिकर राशि का भुगतान परिवादी को किये जाने के लिए आदेशित किया गया था।

निर्णय से व्यथित होकर अभियुक्त/अपीलार्थी मुकेश द्वारा प्रकरण की अपील अपीलीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। अपील में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के विशेष प्रयास से एवं खण्डपीठ सदस्य एवं उभयपक्ष के अधिवक्ताओं की समझाईश एवं सहयोग से अपीलार्थी एवं प्रत्यर्थी के मध्य आपसी सहमति से राजीनामा अनुसार राशि को दो समान किश्तों में आगामी माहों की प्रथम दिनांक पर अपीलार्थी/अभियुक्त मुकेश द्वारा प्रत्यर्थी/परिवादी आशीष को अदा किये जाने पर समझौता करवाया गया। साथ ही अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को अपास्त करते हुए अपीलार्थी/अभियुक्त मुकेश को धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के अपराध के आरोप से दोषमुक्त किया गया। दोनों पक्षों को आपस में गले मिलवाया गया।

विचारण न्यायालय के न्यायाधीश श्री नागले, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डलेश्वर, नरेन्द्र पटेल, अधिवक्ता अजय वर्मा ठाकुर तथा खण्डपीठ सदस्यों की उपस्थिति में राजीनामा के परिणाम स्वरूप उपस्थित पक्षकारों को वृक्षारोपण के लिए पौधे भी प्रदान किये गये। अपने मन मुटाव को भुलाकर विवाद समाप्त करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी गई।लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित न्याय प्राप्त हुआ। न्याय शुल्क की वापसी एवं समझौता परिव्यय राशि में भी छूट प्राप्त हुई। इस कारण दोनों पक्षों को लाभ हुआ। लोक अदालत में प्रिलिटिगेशन के 425 प्रकरण निराकृत हुए। जिसमें 11243052 रूपये की राशि वसूली गई एवं 585 व्यक्ति लाभान्वित हुए। वहीं पेंडिंग प्रकरणों मे 346 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें 26904046 रूपये राशि वसूली गई तथा 835 व्यक्ति लाभान्वित हुए।

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