मामा के समय मे बेटियां अभिशाप नहीं वरदान बनीं- प्रभारी मंत्री श्री पटेल 51 बेटियों के सामूहिक विवाह में पैर छुए, तिलक किया और दिए शगुन का लिफाफें

मामा के समय मे बेटियां अभिशाप नहीं वरदान बनीं- प्रभारी मंत्री श्री पटेल
51 बेटियों के सामूहिक विवाह में पैर छुए, तिलक किया और दिए शगुन का लिफाफें

खरगोन /प्रदेश के कृषि व जिले के प्रभारी मंत्री श्री कमल पटेल शनिवार को खरगोन शहर में नगर पालिका द्वारा आयोजित मुख्यमन्त्री कन्या विवाह में शामिल हुए। प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने यहां सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमन्त्री श्री शिवराज सिंह चौहान मामा के समय में प्रदेश बेटियां अभिशाप नहीं बल्कि वरदान बनी है। इसके पीछे एक दशक से भी अधिक समय से लागू लोक कल्याणकारी योजनाओं का पूरा-पूरा योगदान है। मुख्यमन्त्री श्री चौहान ने बेटियों की स्थिति और समाज में बेटियों के प्रति सोच विकसित करने के लिए योजनाओं का सहारा लिया। आज प्रदेश में बेटियों के जीवन व उनके विकास के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, जननी सुरक्षा योजना, लाडली लक्ष्मी योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनाएं संचालित हो रही है। इन योजनाओं ने भी हमारे समाज में बेटियों के प्रति व्यवहार और सोच में परिवर्तन ला दिया है। प्रदेश में आज लोक कल्याणकारी योजनाओं से कोई भी वर्ग अछूता नही है। यहां गरीब, महिला, युवा और बुजुर्ग, सभी के लिए उनकी प्रगति के लिए योजनाएं संचालित है। प्रदेश शासन की सोच है कि इन योजनाओं से आम नागरिकों गरीबो की प्रगति हो और उनकी प्रगति से प्रदेश विकास करें। आनंदनगर कृषि मंडी में आयोजित हुए समूहिक विवाह के दौरान पूर्व विधायक श्री बाबूलाल महाजन, बड़वाह पूर्व विधायक श्री हितेन्द्र सिंह सोलंकी, विधायक प्रतिनिधि श्री पूर्णा ठाकुर, पूर्व सीसीबी अध्यक्ष श्री रंजीत डंडीर, श्री राजेन्द्र राठौड़, व नपा सीएमओ श्रीमती प्रियंका पटेल, एसडीएम श्री मिलिंद ढाके व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

51 जोड़ो को दिया आशीर्वाद

सामूहिक विवाह के दौरान प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने सभी जोड़ो के सबसे पहले पैर छुए, तिलक किया, शगुन के लिफाफे दिए और वर-वधु के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। साथ ही कन्यादान का संकल्प भी लिया। सामूहिक विवाह के दौरान प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने विवाह आयोजन समिति के सभी सदस्य जो मंचासीन रहे सभी को आने हाथों से माला पहनाकर स्वागत किया और कन्याओं के विवाह में योगदान देने के लिए आभार माना। सामूहिक विवाह के लिए अशासकीय समिति के सदस्यों का योगदान रहा। उनमें श्री रणजीत सिंह डंडीर, मोहनसिंह राठौड़, श्री कन्हैया कोठाने, श्री रवि वर्मा, श्रीमती गायत्री गोस्वामी, श्रीमती ललीता अलावाल का योगदान रहा।

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