जिलाधिकारी ने एक्सपोजर विजिट को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना।

कौशाम्बी, 01.06.2022

जिलाधिकारी ने एक्सपोजर विजिट को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना।

बुलन्दशहर में सॉलिड/लिक्विड वेस्ट मैनेजमेन्ट पर हुए कार्यों का प्रशिक्षण प्राप्त कर जनपद के चयनित 46 ग्रामों में ओ0डी0एफ0 प्लस के कार्यों को क्रियान्वित किया जायेंगा।

जिलाधिकारी श्री सुजीत कुमार ने जनपद बुलन्दशहर की ग्राम पंचायत-सहजादपुर कनैनी के भ्रमण के लिए जाने वाली एक्सपोजर विजिट, बस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
इस एक्सपोजर विजिट का उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद बुलन्दशहर के ग्राम पंचायत सहजादपुर कनैनी में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेन्ट पर हुए कार्यों का अवलोकन एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर जनपद कौशाम्बी के चयनित 46 ग्रामों में ओ0डी0एफ0 प्लस के कार्यों को क्रियान्वित करना है। एक्सपोजर विजिट में चयनित गॉवो के ग्राम प्रधान, ब्लॉक कोआर्डिनेटर, सचिव ग्राम पंचायत, ए0डी0पी0आर0ओ0 एवं डी0पी0आर0ओ0 सहित 05 राज मिस्त्री सम्मिलित हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री शशिकान्त त्रिपाठी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।
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हज 2022 पर जाने वाले हज यात्रियां को दिनांक 02 जून को दिया जायेगा प्रशिक्षण

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता ने अवगत कराया है हज-2022 पर जाने वाले हज यात्रियों को (मेनिनजाइटिस, सीजनल इन्फलूएन्जा) वैक्सीन का टीकाकरण कराया जाना है। वैक्सीन टीकाकरण/प्रशिक्षण हेतु मदरसा दारूल उलूम एहसानिया मंझनपुर, कौशाम्बी को केन्द्र बनाया गया है। उन्होंने बताया है कि समस्त हज-2022 पर जाने वाले हज यात्रियों को वैक्सीन टीकाकरण/प्रशिक्षण दिनांक 02 जून 2022 को प्रातः 10 बजे से सांय 05 बजे के मध्य कराया जायेगा।
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गरीब परिवार की पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना वरदान साबित हुई
प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के अंतर्गत किसी भी गरीब, मजदूर परिवार में पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है। आज देश में अधिकांश महिलाओं को अल्पपोषण का सामना करना पड़ता है। अल्प पोषण व रक्त अल्पता अधिकतर महिलाओं में पाया जाता है। अल्पपोषित माता अधिकांशतः कम वजन वाले शिशुओं को ही जन्म देती है। यदि गर्भवती महिला कुपोषित है तो बच्चों का कुपोषण गर्भावस्था से ही शुरू होता है, तो जीवन भर चलता रहता है और ज्यादातर अपरिर्वतनीय होते हैं। अक्सर आर्थिक एवं सामाजिक तंगी के कारण मजदूरी करने वाली कई गरीब महिलायें अपनी गर्भावस्था के आखिरी दिनों तक अपने परिवार के लिए जीविका अर्जित करना जारी रखती हैं। इसके अलावा वे बच्चे को जन्म देने के बाद, स्वस्थ होने से पहले काम करना शुरू कर देती है, जबकि उनका शरीर इसके लिए तैयार नहीं रहता। इस तरह आर्थिक परेशानी के कारण धात्री महिलायें पूरी तरह स्वस्थ भी नहीं हो पाती और अपने शिशु को स्तनपान कराने में समर्थ भी नहीं हो पाती है। इससे माँ और शिशु दोनों कमजोर रहते हैं और विभिन्न रोग घेरने लगते हैं।
मजदूरी करने वाली गरीब परिवारों की महिलाओं की इन्हीं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 01 जनवरी, 2017 से प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना का शुभारम्भ किया है। इस योजना के अंतर्गत जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य संबंधी विशिष्ट शर्तों की पूर्ति पर पर्याप्त पोषण हेतु पहली बार गर्भधारण करने वाली गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के खातों में 6000 रू0 प्रोत्साहन स्वरूप दिया जाता है, जिससे उनके स्वस्थ रहने के आचरण में सुधार हो सके। इस योजना के अंतर्गत 5000 रू0 तीन किश्तों में दिया जाता है तथा पात्र लाभार्थी संस्था में प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मातृत्व लाभ के संबंध में अनुमोदित मानदंडों के अनुसार 1000 रू0 दिये जाते हैं। इस तरह प्रत्येक पात्र महिला को 6000 रू0 प्रोत्साहन धनराशि दिया जाता है। जिससे उनका पोषण होता रहे और वे स्वस्थ रहे। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। वर्ष 2021-22 में 6,05,852 प्रथम बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। प्रदेश में योजना के आरम्भ से अब तक लगभग 47 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया गया है।

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